सुधेन्दु पटेल की कविता : मुझे माफ़ न करना

[ जयपुर के नगीना उद्योग के बाल – श्रमिकों से … वरिष्ट पत्रकार सुधेन्धु पटेल ]

मेरे बच्चों

मुझे माफ़ न करना !

 

कि किलकारियों को भूख की नोक पर

उछाल – उछालकर

सिसकारियों में बदला है मैंने ही ।

 

कि नाजुक उंगलियों के पोरों पर

आखरों के फूल नहीं ,

उगाये हैं तेजाबी फफोले मैंने ही ।

 

कि कोपल – से उगते सपनों पर

चिंदी – चिंदी आग

स्पर्श की जगह छितराये मैंने ही ।

 

ना बच्चों

माफ़ नकरना हमें

जब तक तुम्हा्री

पारदर्शी आंखों के सामने

प्रायश्चित न कर लूँ मैं ।

– सुधेन्दु पटेल

ई-पता patelsudhendu@gmail.com

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2 टिप्पणियाँ

Filed under hindi, hindi poems, shaishav

2 responses to “सुधेन्दु पटेल की कविता : मुझे माफ़ न करना

  1. बाल श्रम को लेकर आपकी चिंता सराहनीय है.

  2. rita

    I would like to have a little write up on the poem as my child has to recite this poem in a competition

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