कोंकण-केरलम-आसमान / स्लाईड्स

‘ मातृभूमि ’ केरल का एक प्रमुख दैनिक है । केरल के नौ शहरों के अलावा यह मुम्बई , चेन्नै , बंगलूरू और दिल्ली से भी छपता है । ७५ वर्ष पूर्व महात्मा गांधी अपने केरल प्रवास के दौरान इस अखबार के दफ़्तर में आये थे । इस स्मृति को अखबार वर्ष पर्यन्त भिन्न भिन्न शहरों में मना रहा है । हर महीने की १३ तारीख को इसका आयोजन होता है । उस इलाके के स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान होता है और सभा होती है । १३ जनवरी ,२०१० इतिहासकार-लेखक श्री राजमोहन गांधी ने इस वर्ष पर्यन्त आयोजन का उद्घाटन किया ।
१३ फरवरी को कण्णूर में आयोजित जलसे में ’मातृभूमि’ ने मुझे बुलाया था । इस न्यौते को कबूलते हुए मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा था। कण्णूर के टाउन हॉल में १९२४ से अब तक की ’मातृभूमि’ की यात्रा की एक प्रदर्शनी आयोजित थी । यह प्रदर्शनी एक अखबार के सफ़र के साथ साथ राष्ट्रीय आन्दोलन का जीवन्त दस्तावेज बन गई है ।
मातृभूमि के वर्तमान प्रबन्ध निदेशक श्री एम.पी. वीरेन्द्रकुमार कोज़िकोड़ के पूर्व सांसद हैं और एक समाजवादी नेता हैं । प्लाचीमाड़ा में कोका – कोला विरोधी संघर्ष के दौरान मेरा उनसे सम्पर्क हुआ था ।
मातृभूमि के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के अलावा समाजवादी जनपरिषद की केरल इकाई के साथियों ने कण्णूर और कोझिकोड जिले में मेरे कई कार्यक्रम आयोजित किए ।
सभी कार्यक्रमों की बाबत अलग – अलग पोस्ट लिखूंगा । यह चित्र प्रदर्शनी ’शैशव’ के लिए विशेष । कोंकण और केरल का सौन्दर्य तथा हवाई जहाज से देश – दर्शन करते वक्त मुझे लगा कि भूगोल की स्कूली पढ़ाई के कितने तथ्य इन दृश्यों से सगुण रूप से जज़्ब होते हैं । मालाबार तट और कोंकण की खूबसूरती , केरल का सौन्दर्य और राजनैतिक जागरूकता , अरब सागर – नदियों-मेघ और अरावली पर्वतमाला से बना वृष्टि-छाया प्रदेश ।

11 टिप्पणियाँ

Filed under activism आन्दोलन, gandhi, safarnama

11 responses to “कोंकण-केरलम-आसमान / स्लाईड्स

  1. अरे वाह ! ‘ईश्वर के अपने देश’ हो आए . एक-दो बार हमारा भी जाना हुआ है, पर देखना-जानना कम ही हुआ है . अब सही ढंग से आपकी आंखों से देखेंगे-जानेंगे .

  2. ” सुजलाम सुफलाम , शस्य श्यामला मातरम् , वन्दे मातरम् ”
    सुन्दर मनोरम द्रश्यावली !
    अफलातून भाई , आगे की प्रतीक्षा है
    स स्नेह,
    – लावण्या

  3. पिंगबैक: केरल में राष्ट्रीय आन्दोलन की याद में « समाजवादी जनपरिषद

  4. पिंगबैक: इस चिट्ठे की टोप पोस्ट्स ( गत चार वर्षों में ) « शैशव

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