डॉ. गरिमा क भोजपुरी कहानी पढ़ीं

डॉ. गरिमा राजस्थान क कोटा सहर में रहेलीन । निसर्गोपचार पर चिट्ठो लिखलीन औ ए पद्धती क डॉग्दर हईंन। गरिमा का ननिहाल बलिया बाटे औ आपन मातृभाषा में लिखले क ओन्हें संकोच जरीको नाहि बा। ओन भोजपुरी में लम्बा किस्सा सुनावे क स्री गनेश कइले हइन ।

जेके भोजपुरी से जुड़ाव बा , प्रेम बा ऊ गरिमा क किस्सा बाँचके , ओन्हें बढ़ावा दे। ई कईल बहुत जरूरी बा।

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4 टिप्पणियाँ

Filed under किस्सा

4 responses to “डॉ. गरिमा क भोजपुरी कहानी पढ़ीं

  1. राऊर बहुत बहुत धन्यवाद जे हमरा कहानी की चर्चा अपना ब्लॉगवा प कईनी हाँ, हमार धनभाग कि रऊआ पसन आईल हा।

    एगो बार फेरु से धन्यवाद।

  2. जब रउआ कहs तानी त उ कहानी जरूर अच्‍छा होई। अभी जा के पढ़ तानी डा. गरिमा क भोजपुरी कहानी। जानकारी देबे खातिर आभार।

  3. पढ़ आये हैं फलातून भाई..आप परिचय भी कराये दिये कि बलिया की हैं, यह और अच्छा हुआ.

  4. पिंगबैक: इस चिट्ठे की टोप पोस्ट्स ( गत चार वर्षों में ) « शैशव

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