तब कैसा मौसम ठंडा जी !

 

तब कैसा मौसम ठंडा जी

आया फिर जाड़े का मौसम

लगता सबको ठंडा जी

खुले बदन फिर भी बैठे हैं

नदी किनारे पण्डा जी

मास्टर जी के हाथ कोट में

कहां गए वो डंडा जी

कहता है हर साल यही

गणतंत्र दिवस का झण्डा जी

हो सबके पास गरम कपड़े

तब कैसा मौसम ठंडा जी !

राजेन्द्र राजन

मानव मानव एक समान

मानव मानव एक समान

निर्धन हों चाहे धनवान

मानव मानव एक समान

चाहे गोरे हों या काले

मानव मानव एक समान

बनाएंगे हम ऐसी दुनिया

ऐसा सुंदर एक समाज

जिसमें न हों ऊंच नीच के

भेदभाव के रस्म-रिवाज

हम चाहेंगे मानव के सब

गल जाएं झूठे अभियान

मानवता का अर्थ यही है

मानव मानव एक समान ।

राजेन्द्र राजन

[ रेखाचित्र कांजीलाल का बनाया है। सुधेन्दु पटेल द्वारा लिखी पुस्तक ‘एक कलाकार की दृष्टि में काशी में’ से लिया है। ]

11 टिप्पणियाँ

Filed under hindi, hindi poems, nursery rhymes , kids' poetry

11 responses to “तब कैसा मौसम ठंडा जी !

  1. बहुत सुन्दर !
    इस बार सौराष्ट्र मैं भी आया है
    कैसा मौसम ठंडा जी
    १० डिग्री पर गिरा है पारा
    ना देखा ८ साल से
    हमने मौसम ऐसा ठंडा जी !
    घुघूती बासूती

  2. glowfriend

    खूब पसंद आई आपकी कविता।

    इस बार तो लगता है ठंड हर जगह अपने सारे रेकॉर्ड तोड़ रही है ।

  3. maithily

    इस ठंडे मौसम में तो इस कविता को पढ़कर और भी अधिक ठंड लगने लगी है.:)

  4. बहुत अच्छी कविताएं . बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए भी बहुत ज़रूरी कविताएं .

  5. सचमुच सुन्दर रचनाएँ, पढ़कर बचपन-सी उमंग आ गयी!

  6. पिंगबैक: दोनों मूरख , दोनों अक्खड़ / भवानीप्रसाद मिश्र « शैशव

  7. पिंगबैक: इस चिट्ठे की टोप पोस्ट्स ( गत चार वर्षों में ) « शैशव

  8. मानव मानव एक समान
    मानव मानव एक समान

    निर्धन हों चाहे धनवान

    मानव मानव एक समान

    चाहे गोरे हों या काले

    मानव मानव एक समान

    बनाएंगे हम ऐसी दुनिया

    ऐसा सुंदर एक समाज

    जिसमें न हों ऊंच नीच के

    भेदभाव के रस्म-रिवाज

    हम चाहेंगे मानव के सब

    गल जाएं झूठे अभियान

    मानवता का अर्थ यही है

    मानव मानव एक समान ।

    राजेन्द्र राजन

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s