Posts Tagged as ‘आदिवासी’

October 20, 2009

विस्थापन के डर से सहमी हैं जंगल की बेटियाँ/ बाबा मायाराम

घने जंगल के बीच बसे एक गांव की सुमन 12 वीं कक्षा में पढ़ रही है। वह बोरी अभयारण्य के अंदर के काकड़ी गांव की है। पढने के लिए केसला आई है, जो मध्यप्रदेश के हो्शंगाबाद जिले का एक विकासखंड मुख्यालय है। यहां वह एक गर्ल्स शॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही है। लेकिन उसके [...]

September 8, 2009

शेरों को बसाने के लिए उजड़ते गाँव की कहानी : बाबा मायाराम

जिंदगी की उथल-पुथल में पिछड़ जाते हैं बच्चे
आमतौर पर विस्थापन का समाधान पुनर्वास से निकाल लिया जाता है। लेकिन विस्थापन एक उलझी हुई प्रक्रिया है। यह उतनी सीधी और आसान नहीं है जितनी ऊपर से दिखती है। पुनर्वास का अर्थ सिर्फ मकान और मुआवजा भर नहीं है, जीवन की और भी जरूरतें हैं। [...]