फुरसतिया ने आयुध परिसर में रहने वाले मेधावी छात्रों के बारे में लिखा है । मुझे उम्मीद है कि इन बच्चों का सम्मान भी किया जाएगा ।
‘ समता आन्दोलन ‘- महाराष्ट्र के द्वारा हर साल मेधावी छात्रों को सार्वजनिक जलसा आयोजित कर सम्मानित किया जाता है । इन मेधावी बच्चों में से वंचित परिस्थितियों में रह कर भी जो कीर्ति प्राप्त करते हैं , उनके बारे में पहले जानकारी एकत्र की जाती है । इस सम्मान को समता आन्दोलन के साथी एकलव्य सम्मान कहते हैं । प्रतिकूल परिस्थिति में रह कर पढ़ाई में सुयश प्राप्त करने की प्रेरणा इस अनूठे सम्मान से मिले , यह उम्मीद रहती है ।
फुले ,अम्बेडकर और साने गुरुजी के महाराष्ट्र में ऐसे रचनात्मक प्रयासों का चलन है । क्या देश के दूसरे हिस्से अनुकरण नहीं कर सकते ?

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