Entries from March 2009

March 21, 2009

चिट्ठे की प्रविष्टी ‘वर्ड’ पर कैसे चेपें?

    कई बार चिट्ठों पर छपी प्रविष्टियों को ‘वर्ड’ (माइक्रोसॉफ़्ट ऑफ़िस वर्ड) पर चेपने , छापने की जरूरत होती है ।  मामूली सी जानकारियों के अभाव में ‘वर्ड’ पर चिपकाने के बाद आप पाते हैं कि वह देवनागरी लिपि में लिखी हिन्दी के बजाए कोई विचित्र सी लिपि और भाषा प्रकट हो गई है ।
चिट्ठों पर छपी [...]

March 20, 2009

गूगल की तख्ती

    किसी साइबर कैफे से हिन्दी में पोस्ट करने की नौबत आ जाए , जहां हिन्दी में लिखने की सुविधा ना हो | तब आप क्या उपाय करते हैं ? पूरी पोस्ट न लिखनी हो , सिर्फ टीपना हो | ब्लोगर    वाले चिट्ठेकार सीधे देवनागरी में लिखते होंगे | ऐसा न होने पर , निश्चित [...]

March 10, 2009

होली का मर्म

अपने आप को धर्म और भगवान से ऊँचा मानने वाला हिरण्यकश्यप नाम का एक राजा था। वह चाहता था कि सब लोग उसे ही भगवान मानें और उसकी पूजा करें । पर हिरण्यकश्यप के पुत्र ने उसे भगवान मानने से साफ इनकार कर दिया । बहुत यातना व अत्याचार के बाद भी वह वह स्वयंभू [...]