Entries from January 2009

January 30, 2009

कर्नाटक में गुण्डागर्दी पर गाँधीजी

टेलिविजन से जुड़े एक मित्र ने परसों रात फोन किया । ‘गांधी भी पब- कल्चर के विरुद्ध थे’ – ‘वे तो शराबबन्दी के हक में थे ।’  ‘पतित पावन सीताराम’ वाले भी थे । तब क्या वे मंगलूर की राम सेने के ‘बहादुरों’ की घृणित कारवाइयों से खुश नहीं होते ?
         कर्नाटक के धारवाड़ शहर की एक [...]

January 1, 2009

असहिष्णु हिन्दी भाषियों के लिए रेलवे के निर्देश

भारतीय रेलवे से मुझे अत्यन्त प्रेम है । मुझे यह भी पता है कि राष्ट्रभाषा के प्रसार के लिए रेलवे में हर स्तर पर समितियाँ होती हैं । कई बार हिन्दी के उत्कृष्ट साहित्यकार इन समितियों में नामित किए जाते हैं । इस सब के बावजूद मुमकिन यही है कि गुलाम मानसिकता के अफ़सर हिन्दी [...]