Entries from August 2008

August 29, 2008

ईसाई और मुसलमान क्यों बनते हैं ? – स्वामी विवेकानन्द

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अगर हमारे देश में कोई नीच जाति में जन्म लेता है , तो वह हमेशा के लिए गया – बीता समझा जाता है , उसके लिए कोई आशा – भरोसा नहीं । ( पत्रावली भाग २ , पृ. ३१६ ) आइए , देखिए तो सही , त्रिवांकुर में जहाँ पुरोहितों के अत्याचार भारतवर्ष में सब [...]

August 28, 2008

कविता / तीसरा आदमी / राजेन्द्र राजन

मैदान में जैसे ही पहला पहलवान आया
उसकी जयकार शुरु हो गई
उसी जयकारे को चीरता हुआ दूसरा पहलवान आया
और दोनों परिदृश्य पर छा गए

पहले दोनों ने धींगामुश्ती की कुछ देर
कुछ देर बाद दोनों ने कुछ तय किया

फिर पकड़ लाए वे उस आदमी को जो खेतों की तरफ़ जा रहा था
दोनों ने झुका दिया उसे आगे की [...]

August 16, 2008

भारतीय ‘जागृति’ बनाम पाकिस्तानी ‘बेदारी’ का राष्ट्र-प्रेम

‘हम लाये हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के , इस मुल्क़ को रखना मेरे बच्चों को संभाल कर’ ऊपर का विडियो १९५७ में [...]

August 9, 2008

श्रीश शर्मा: टिप्पणियों की साज सज्जा कैसे करें

श्रीश शर्मा उर्फ़ ई-पण्डित कम्प्यूटर के शौकीन हैं और हिन्दी के प्रेमी । उम्मीद है प्रसन्न हैं और चिट्ठालोक से अलग कहीं अच्छा काम कर रहे होंगे। हिन्दी चिट्ठेकारों को काम की तकनीकी बातें सिखाया करते थे , श्रीश । उनकी यह पोस्ट मैंने अपने मेल बॉक्स में ‘लेबल’ लगा कर रखी है । जब जरूरत होती है [...]