Entries from March 2008

March 13, 2008

बेतरतीब आवरगी

इस बगीचे की क्यारियों में इस बार एक गजब की बेतरतीब आवरगी पसरी हुई है । ‘अंतर्गृही – यात्रा’ कर रही महिलाएं चन्दन शहीद और आदि केशव के बीच वरुणा-गंगा के संगम की रेत पर जैसे अपनी चटक रंगों की साड़ियाँ दूर-दूर तक फैला देती हैं ।
    यह छोटी कलमी ‘आम्रपाली’ भी पहली बार यूँ [...]