आज मुझे थोड़ा उदास होने दीजिए , साथियों !
उदास होने दीजिए मुझे
बदलने के लिए दर्द का जायका
घुटन का अहसास
ताकि कहीं-न-कहीं तो टूट सके
एकरसता का लम्बा सिलसिला
मुझे उदास होने दीजिए
ताप को चुनौती देते
अमलतास और गुलमुहर के बाग़ी फूलों से
अँकवार भरकर भेंटने के वास्ते
हो सकता है जब तक मैं उन तक पहुँचूँ
बेगाने मुसाफ़िर-सा गुज़र जाये गुस्ताख़ मौसम
उदास [...]
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