Technorati tags: हिन्दी कविता, ज्ञानेन्द्रपति, टेडी बियर में बचे हुए भालू, hindi poem, gyanendrapati
बच्चियाँ जब
अपने टेडी बियर को छाती से चिपकाये
दुलार रही होंगी
छीज रहे भारतीय जंगलों में
और खोजी दलों और अनुसन्धान-स्टेशनों के
कचरालय बने जा रहे ध्रुवीय प्रदेशों में
बेमौत मारे जा रहे होंगे भालू
काले भालू और भूरे भालू
बग़ैर किसी रंग-भेद के
कौन मार रहा होगा उन्हें
अपने [...]
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