Technorati tags: भवानी प्रसाद मिश्र, कविता, हिन्दी, गुलाब, लिली, सरसों
गुलाब का फूल है
हमारा पढ़ा – लिखा
मैंने उसे काफी
उलट-पुलट कर देखा है
मुझे तो वह ऐसा ही दिखा
सबसे बड़ा सबूत
उसके गुलाब होने का यह है
कि वह गाँव में जाकर
बसने के लिए
तैयार नहीं है
गाँव में उसकी
प्रदर्शनी कौन कराएगा
वहाँ वह अपनी शोभा की
प्रशंसा किससे कराएगा
वह फूलने के बाद
किसी फसल में [...]
RSS - Posts