रजी चन्द्रशेखर के मलयाली / हिन्दी चिट्ठे का स्वागत करें

रजी चन्द्रशेखर ने  मेरे चिट्ठे पर टिप्पणी दे कर सूचित किया कि उन्होंने वर्डप्रेस पर एक हिन्दी-कम-मलयालम ज्यादा चिट्ठा शुरु किया है । रवि रतलामीजी ने उन्हें हिन्दी चिट्ठे को अलग रखने की सलाह दी है । रजी चन्द्रशेखर सलाह मानें या न माने हिन्दी चिट्ठा-पाठक उनका स्वागत करें । रजी भाई आप से पहले दो मलयाली भाषी लोगों के हिन्दी चिट्ठे रहे हैं ( डॉ. बेजी जेसन तथा खेती किसानी पर लिखने वाले पूर्व सैनिक चन्द्रशेखरन नायर  के )। इन चिट्ठों के द्वारा हिन्दी और मलयालम के पाठकों को लाभ हो , यह कामना है । चिट्ठा - चर्चा में मलयालम चिट्ठों पर एक आलेख मैंने लिखा था ।

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4 Responses to “रजी चन्द्रशेखर के मलयाली / हिन्दी चिट्ठे का स्वागत करें”


  1. 1 Raji Chandrasekhar October 18, 2007 at 10:57 pm

    धन्यवद जी,
    केरल के और इधर के साहित्य के बरे में कुछ न कुछ लिखने की कोशिश ज़रूर करुँगा ।

  2. 2 atulkumaar October 18, 2007 at 11:29 pm

    हिन्दी और मलयाली दोंनों चिट्ठों का स्वागत है.

    अतुल
    मैत्री

  3. 3 കേരളഫാര്‍മര്‍ October 19, 2007 at 9:46 am

    रजि चन्द्रशेखर को मैं भी बताते रहूँगा कि आप हिन्दी चिट्ठों अलग ही रखे।

  4. 4 अनिता कुमार October 19, 2007 at 10:59 pm

    राजी जी
    आप के चिठ्ठे का स्वागत है, बहुत ही आदरणीय प्रयास है।


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