मेरे एक कथाकार मित्र ने ‘आत्मदर्शी’ नाम से चिट्ठा शुरु किया है।साहित्यिक जगत में वे एक अन्य नाम से कहानी-कविता लिखते रहे हैं ।ओड़ीसा के ढेंकानाल में शिक्षक हैं । आप सभी साथियों से निवेदन है कि उनके चिट्ठे को देखें,पढ़ें और स्वागत करें।
Technorati tags: आत्मदर्शी, स्वागत, aatmadarshee, blogging, welcome
Entries from September 2007
September 30, 2007
आइए ‘आत्मदर्शी’ का खैरम – कदम करें
September 6, 2007
जुगनू : अल्लामा इक़बाल की बाल कविता
सुनाऊं तुम्हे बात एक रात की,
कि वो रात अन्धेरी थी बरसात की,
चमकने से जुगनु के था इक समाँ ,
हवा में उड़ें जैसे चिनगारियां ।
पड़ी एक बच्चे की उस पर नज़र ,
पकड़ ही लिया एक को दौड़ कर ।
चमकदार कीड़ा जो भाया उसे ,
तो टोपी में झटपट छुपाया उसे ।
तो ग़मग़ीन कैदी ने की इल्तज़ा ,
‘ओ छोटा [...]
September 4, 2007
अतुल कुमार का स्वागत करें
मुजफ़्फ़रपुर के मनिका गाँव के रहने वाले अतुल कुमार ने चिट्ठा शुरु किया है । प्रख्यात समाजवादी चिन्तक सच्चिदानन्द सिन्हा का गाँव भी मनिका है और अतुल को उनके निकट सम्पर्क का अवसर मिला । सामाजिक – राजनैतिक मसलों को परखने की एक पैनी दृष्टि मिली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की शोधवृत्ति प्राप्त कर अतुल [...]
RSS - Posts