एकलव्य -सम्मान

    फुरसतिया ने आयुध परिसर में रहने वाले मेधावी छात्रों के बारे में लिखा है । मुझे उम्मीद है कि इन बच्चों का सम्मान भी किया जाएगा । 

    समता आन्दोलन ‘- महाराष्ट्र के द्वारा हर साल मेधावी छात्रों को सार्वजनिक जलसा  आयोजित कर सम्मानित किया जाता है । इन मेधावी बच्चों में से वंचित परिस्थितियों में रह कर भी जो कीर्ति प्राप्त करते हैं , उनके बारे में पहले जानकारी एकत्र की जाती है । इस सम्मान को समता आन्दोलन के साथी एकलव्य सम्मान कहते हैं । प्रतिकूल परिस्थिति में रह कर पढ़ाई में सुयश प्राप्त करने की प्रेरणा इस अनूठे सम्मान से मिले , यह उम्मीद रहती है ।एकलव्य,नन्दलाल बोस          

      फुले ,अम्बेडकर और साने गुरुजी के महाराष्ट्र में ऐसे रचनात्मक प्रयासों का चलन है । क्या देश के दूसरे हिस्से अनुकरण नहीं कर सकते ?

2 Responses to “एकलव्य -सम्मान”


  1. 1 PRAMENDRA PRATAP SINGH May 29, 2007 at 5:17 pm

    सभी विजेताओं को ढेरों शुभकामनाऐं ।

    मुझे प्रश्‍न समझने में काफी सिर खुजलाना पड़ा था इसलिये भाग लेने का इरादा ही छोड दिया।

  2. 2 Arshad June 8, 2008 at 6:43 pm

    Can you tell where I get the poem “GURUDAKSHINA” written by VINOD CHANDRA PANDEY
    arshadmuhammed_rajagiri@hotmail.com


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