विविध भारती बुझौव्वल के परिणाम

विविध भारती सुनने वालों के लिए हिन्दी गीतों के बोल पर कुछ सवाल पिछली प्रविष्टी में पूछे गए थे । इस पोस्ट को १७९ बार सीधे देखा गया और ६९ बार फ़ीड के जरिए । यह मेरी प्रविष्टियों के औसत से ज्यादा है । इस बुझौव्वल में रुचि लेने वाले सभी साथियों का आभार । विविध भारती के उद्घोषक और साथी चिट्ठेकार युनुस ख़ान ने ऐसी स्पर्धा आयोजित करने में रुचि ली है ।इस स्पर्धा में युनुस जी के भाग लेने पर रोक थी। वरिष्ठ चिट्ठेकार सागर चन्द नाहर जो कुन्दन लाल सहगल के मुरीद हैं का सुझाव है कि प्रश्नों के साथ ‘अता-पता’ भी बताया जाए ।

    परिणाम :

    प्रथम स्थान ( दो )  :  धुरविरोधी तथा v9y   दोनों विजेता पहेलीनुमा नाम वाले वरिष्ठ चिट्ठेकार प्रतीत होते हैं(लेखन से) ।

द्वितीय स्थान ( दो ) : मनीष तथा जगदीश भाटिया चिट्ठालोक में कर्णप्रिय गीतों और गीतकारों से परिचय कराने वाले मनीष से अच्छे परिणाम की उम्मीद थी जिस पर वे खरे उतरे। जगदीश भाई बताते हैं कि बचपन में विविध भारती सुनते थे । संभवतया प्रश्नकर्ता की पीढ़ी का होने की सहूलियत उन्हें जरूर मिली होगी ।

  तृतीय स्थान ( पाँच )  : जीतेन्द्र चौधरी , विजय वड़नेरे , आर.सी. मिश्र , देबाशीष तथा निशान्त

 चतुर्थ स्थान ( एक ) : सागर चन्द नाहर

पंचम स्थान ( एक ) : अभय तिवारी

 प्रश्नों के जटिलता / सहजता का अन्दाज मिले इस लिए हर प्रश्न के आगे कितने लोगों ने उसके सही जवाब दिए यह दिया जा रहा है :

पहला प्रश्न   :

 तन – तन कर तीर चला कर नसों में पीर ऊठाने वाले कौन हैं ?

कुल सही जवाब : ३

~~~~~~~~~~~~~~

दूसरा प्रश्न :

चमेली कहाँ से आई थी ?

कुल सही जवाब : ६

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

तीसरा प्रश्न :

‘ मेरे राम !’ तुम्हारी शरण में आकर मुझे कैसा सुख मिला है ?

कुल सही जवाब : ८

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

चौथा सवाल :

जिन्दगी कब सफल हो जाएगी ?

 कुल सही जवाब :  ५

~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

पाँचवा सवाल :

आकाश कब जमीन हो जाता है ?

कुल सही जवाब : ७

    उत्तर पुस्तिकायें सब के देखने के लिए खुली हों , यह परीक्षा-पद्धति में एक सुधार के रूप में माना गया है । सभी उत्तर पिछली प्रविष्टी की टिप्पणियों के रूप में देखे जा सकते हैं।

सभी भागीदार चिट्ठेकार बन्धुओं का हार्दिक आभार । भविष्य की स्पर्धा के लिए सुझाव तहेदिल से आमंत्रित हैं । पुरस्कार के बारे में कई अ-मूल्य सुझाव आए हैं । इनमें से एक सुझाव लागू भी किया गया है – सभी प्रतियोगियों के चिट्ठों की कडियाँ दे कर ।

 

4 Responses to “विविध भारती बुझौव्वल के परिणाम”


  1. 1 धुरविरोधी May 27, 2007 at 9:48 pm

    वाह अफलातून साहब, हम तो विजेता बन गये! अरे भाईयो, कुछ मुबारकबाद वगैरह तो दो ना!

  2. 2 ghughutibasuti May 27, 2007 at 11:43 pm

    बड़ा जबरदस्त मुकाबला था । हमें तो कोई उत्तर नहीं आते थे । जीतने वालों को बधाई !
    घुघूती बासूती

  3. 3 v9y May 29, 2007 at 5:48 pm

    एक छोटी पर दिलचस्प “क्विज़लेट” के लिए शुक्रिया. और जीतने वालों को बधाई.

  4. 4 धुरविरोधी May 30, 2007 at 9:08 am

    v9y साहब, आपको बहुत बहुत बधाई


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